'जीका' के सहयोग से लागू होगी परियोजना

एग्रोफॉरैस्ट्री, भूजल संरक्षण व ईकोटूरिज्म पर खर्च होंगे 760.30 करोड़ : कटारूचक्क

पंजाब सरकार अग्रोफॉरेस्टरी के माध्यम से वन क्षेत्र को विस्तारित करने, जल संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए 760.30 करोड़ की परियोजना लागू करेगी।

By : Just Click National , Sukhwinder Kaur
एग्रोफॉरैस्ट्री, भूजल संरक्षण व ईकोटूरिज्म पर खर्च होंगे 760.30 करोड़ : कटारूचक्क

चंडीगढ़, 11 अगस्त (हि.स.) : पंजाब सरकार राज्य में एग्रोफॉरेस्ट्री के माध्यम से पेड़ों के नीचे का रकबा बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा जैव विविधता में वृद्धि के लिए वचनबद्ध है। इसी के तहत वन विभाग ने जापान अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी ('जीका') के साथ सहयोग का प्रस्ताव रखा है। उक्त जानकारी देते हुए पंजाब के वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य एग्रोफॉरेस्ट्री को बढ़ावा देना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा, भूजल को बचाना, शिवालिक क्षेत्र में एकीकृत वाटरशैड प्रबंधन करना है। इसके अलावा किसानों की आय में वृद्धि और पराली से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकना तथा ग्रामीण समुदायों की आय में वृद्धि करना भी महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने बताया कि इससे जहां ईकोटूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा, वहीं पर्यावरण एवं वनों की देखभाल के साथ कृषि और पशुपालन को विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 760.30 करोड़ रुपए है, जिसमें 85:15 के अनुपात के अनुसार वित्तीय हिस्सेदारी है। परियोजना को 8 वर्षों की अवधि के दौरान लागू करने का प्रस्ताव है और इसे सोसायटी मोड के माध्यम से लागू किया जाएगा।
         पंजाब मंत्रिमंडल द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना को पहले ही मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा परियोजना के लिए ऋण समझौते पर 'जीका' और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग के बीच हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं। पंजाब सरकार द्वारा इस परियोजना के प्रभावी संचालन और कार्यान्वयन के लिए पंजाब जैव विविधता एवं प्राकृतिक संसाधन संरक्षण सोसायटी के गठन को भी मंजूरी प्रदान की जा चुकी है। यह परियोजना आय में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस अवसर पर वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव कमल किशोर यादव, प्रमुख मुख्य वनपाल (वन बल के प्रमुख) धर्मेंद्र शर्मा, सौरव गुप्ता पी.सी.सी.एफ. मुख्य परियोजना निदेशक, मुख्य वन्यजीव वार्डन बसंता राज कुमार, मुख्य वनपाल (प्लेन्स) निधि श्रीवास्तव, मुख्य वनपाल (वन्यजीव) सतिंदर सागर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
कैप्शन : बैठक में जानकारी देते मंत्री कटारूचक्क।