शिमला, (हि.स.) पिछले दो दिन से हिमाचल प्रदेश के मध्यवर्ती और पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिमला, सिरमौर, सोलन और किन्नौर जिलों में भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ है और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। पूरे प्रदेश में 200 से अधिक सड़कें बंद हैं। इससे कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटों में सबसे अधिक 158.9 मिमी वर्षा सिरमौर के नाहन में दर्ज की गई। इसके अलावा सोलन में 80.2 मिमी, कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में 62.5 मिमी, गुलेर में 56.3 मिमी, सिरमौर के धौलाकुआं में 55.5 मिमी, शिमला के नारकंडा में 54.5 मिमी, कुफरी में 50.8 मिमी, कुल्लू के सैंज में 48 मिमी, शिमला शहर में 37.5 मिमी और मशोबरा में 36.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने 14 जुलाई तक भारी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को शिमला, चम्बा, कुल्लू और सिरमौर में भारी वर्षा, जबकि मंडी, किन्नौर और कांगड़ा में मध्यम से तेज वर्षा की चेतावनी दी गई है। किन्नौर जिले के कल्पा उपमंडल के सांगला में भारी बारिश के कारण जमीन धंसने से वैली ब्रिज शुक्रवार को हवा में लटक गया था। बीती रात पुल पूरी तरह ढह गया। पुल टूटने से क्षेत्र की आवाजाही प्रभावित हुई है और प्रशासन हालात पर नजर रखे हुए है। राजधानी शिमला में भी लगातार बारिश से कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। कसुम्पटी थाना क्षेत्र के राजहाना में पहाड़ी से भारी मात्रा में चट्टानें, पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा। वहां खड़े दो वाहन मलबे में दब गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
लगातार बारिश का असर शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के दूरदराज क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है। गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से जगोरी, क्याओ और कूट पंचायतों का संपर्क प्रभावित हुआ है। लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। कशापाट क्षेत्र की सड़क भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। प्रशासन के पहुंचने से पहले ग्रामीण स्वयं सड़क की मरम्मत में जुट गए हैं। प्रशासन ने दिन के समय स्कूल मार्ग से वैकल्पिक सड़क पर यातायात शुरू कर दिया है।मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने कहा है कि अगले कुछ दिन प्रदेश में वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। निचले क्षेत्रों में जलभराव, फिसलन के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा, यातायात प्रभावित होने और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की आशंका बनी हुई है। लोगों से नदी-नालों के पास नहीं जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन व मौसम विभाग की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
हिमाचल में भारी बारिश के असर से चिन्हित
हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, सांगला का वैली ब्रिज ढहा, शिमला में कई जगह भूस्खलन
हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार भारी बारिश के कारण कई जिलों में भूस्खलन हो रहे हैं। शिमला, किन्नौर, सिरमौर और सोलन सहित कई स्थान पर नुकसान पहुंचा गया है।
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Harmanjot Singh
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