शिमला, 27 जुलाई हिमाचल प्रदेश की नदियां और जलविद्युत परियोजनाएं जिन ग्लेशियरों पर टिकी हैं, वे अब तेजी से पिघल रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के जलविद्युत क्षेत्र को लेकर नई चिंता सामने आई है। एक विस्तृत अध्ययन में कहा गया है कि सतलुज बेसिन के लगभग सभी ग्लेशियर लगातार पीछे खिसक रहे हैं और बर्फ का दायरा हर साल कम होता जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले वर्षों में नदियों में पानी का प्रवाह प्रभावित होगा। इससे बिजली उत्पादन, जल सुरक्षा और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है। यह अध्ययन हिमाचल प्रदेश काउंसिल फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड एनवायरमेंट (हिमकोस्टे) के तहत राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र ने सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड (एसजेवीएनएल) के लिए तैयार किया है।
हिमाचल प्रदेश में ग्लेशियर लगातार पिघला रहे हैं
हिमाचल प्रदेश में पिघल रहे ग्लेशियर, जलविद्युत उत्पादन पर पड़ेगा असर
हिमाचल प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाओं पर ग्लेशियर की क्षति को लेकर चिंता जारी है। अध्ययन से पता चलता है कि सतलुज बेसिन के सभी ग्लेशियर लगातार पिघला रहे हैं, जिससे नदियों में पानी का प्रवाह और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है.
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Sukhwinder Kaur
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