चंडीगढ़ नगर निगम की जनरल हाउस में कांग्रेस पार्षदो

चंडीगढ़ नगर निगम की मीटिंग में हंगामा, कांग्रेस ने हर घर को 20 हजार लीटर फ्री पानी देने की मांग उठाई

चंडीगढ़, (हि.स.) चंडीगढ़ नगर निगम की जनरल हाउस मीटिंग में शुक्रवार को उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस पार्षदों ने शहर के हर परिवार को 20 हजार लीटर फ्री पानी देने की मांग उठाई। इस मांग को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद बीजेपी पार्षदों ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। मेयर सौरभ जोशी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस की 'B टीम' है। मेयर ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने फ्री पानी देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि सांसद को बताना चाहिए कि यह वादा अभी तक पूरा क्यों नहीं किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी को आने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस पार्षद प्रेमलता, जसबीर सिंह बंटी, गुरप्रीत सिंह गाबी और दूसरे सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर सदन के बीच में आ गए और फ्री पानी स्कीम को तुरंत लागू करने की मांग करते हुए विरोध किया।

      कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि फ्री पानी का मुद्दा सिर्फ राजनीतिक नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ के लाखों लोगों की बुनियादी ज़रूरत और अधिकार से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम हाउस इस प्रस्ताव को पहले ही मंज़ूरी दे चुका है, लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। वहीं, आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने शहर की नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बारिश ने शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को उजागर कर दिया है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि सड़कों का ठीक से रखरखाव नहीं किया गया और नगर निगम के कामकाज में भी गड़बड़ियां पाई गईं। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कथित NEET पेपर लीक मामले से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों की याद में दो मिनट का मौन रखा। इसके साथ ही, हादसे में जान गंवाने वाले नगर निगम के एक कर्मचारी को भी श्रद्धांजलि दी गई। मीटिंग के दौरान कई पार्षदों ने शिकायत की कि अधिकारी उनके कॉल और मैसेज का जवाब नहीं देते और लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा है। AAP पार्षद रामचंद्र ने आरोप लगाया कि विकास कार्य तय समय में पूरे नहीं हो रहे हैं और लापरवाह ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।