भगवंत मान सरकार की ओर से कर्मचारियों को जन्माष्टमी का तोहफा
चंडीगढ़, 5 सितंबर (हि.स.) : पंजाब सरकार ने जन्माष्टमी के अवसर पर राज्य के करीब 85 हजार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इससे इन कर्मचारियों का डीए केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर हो जाएगा। तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने इस संबंध में सिफारिश कर दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर की अध्यक्षता वाली समिति की सिफारिश अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका वेतन केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर आधारित है और जिन्हें अदालत के आदेशों के तहत संशोधित नहीं किया गया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तथा आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा ने पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं और सरकार उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को लंबे समय से 42 प्रतिशत डीए मिल रहा था, जबकि उनका वेतन ढांचा केंद्र के 7वें वेतन आयोग के अनुरूप है। अमन अरोड़ा ने बताया कि दिसंबर 2020 में पंजाब कैबिनेट ने 17 जुलाई 2020 के बाद होने वाली नई भर्तियों और नियुक्तियों के लिए वेतन स्केल/मैट्रिक्स को केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के अनुरूप करने को मंजूरी दी थी। इसके बाद कर्मचारियों की दो श्रेणियां बन गईं। 2020 से पहले भर्ती कर्मचारियों को पंजाब के उच्च वेतन ढांचे का लाभ मिलता रहा, जबकि बाद में भर्ती कर्मचारियों को केंद्रीय वेतन पैटर्न के तहत रखा गया। उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण कैडरों में कर्मचारियों को पहले से ही केंद्र सरकार के समकक्ष कर्मचारियों की तुलना में 30 से 70 प्रतिशत तक अधिक वेतन मिल रहा है। हालांकि 2020 के बाद भर्ती कर्मचारियों के मामले में कम डीए की भरपाई अधिक मूल वेतन से नहीं हो पाती। इसलिए सरकार ने इस असमानता को दूर करने के लिए डीए बढ़ाने का फैसला किया है।सरकार के अनुसार, इस निर्णय से करीब 85 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इनमें 20,603 शिक्षक, 11,685 कांस्टेबल, 5,144 क्लर्क, 2,355 नर्स, 2,267 चपरासी, 1,467 मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर, 1,248 मेडिकल अधिकारी, 1,214 पटवारी और 1,129 जूनियर इंजीनियर समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान सरकार का स्पष्ट रुख है कि पंजाब सरकार का कोई भी कर्मचारी अपने केंद्र सरकार के समकक्ष कर्मचारी से कम वेतन न पाए। उन्होंने विपक्षी कांग्रेस और भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यदि वेतन समानता के लिए संविधान के अनुच्छेद 14 की बात की जा रही है तो उन्हें अपने-अपने राज्यों में भी कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर करने की मांग करनी चाहिए।