झारखंड

जंगली हाथी के हमले में वीरेंद्र कोरवा की दर्दनाक मौत, इलाके में दहशत और आक्रोश

प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत

बरवाडीह/डेस्क:  छिपादोहर थाना क्षेत्र अंतर्गत केड़ पंचायत के मतनाग ग्राम निवासी आदिम जनजाति समुदाय के वीरेंद्र कोरवा उर्फ मुनेश्वर कोरवा (उम्र लगभग 48 वर्ष) की रविवार को जंगली हाथी के हमले में दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना रविवार शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है. वही घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त हो गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरेंद्र कोरवा रविवार को केड़ चौक बाजार से आवश्यक खरीदारी कर केड़–डुमार कोणा मार्ग से होते हुए अपने घर मतनाग लौट रहे थे. इसी दौरान जंगल के कुशकी रास्ते में अचानक जंगली हाथियों का एक झुंड सामने आ गया ओर हाथियों ने उन्हें घेर लिया और कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

वही घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी जानकारी दी. जिसके बाद रेंजर अजय टोप्पो के निर्देश पर प्रभारी वनपाल राम कश्यप ओर नवीन कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं बरवाडी़ह पूर्वी जिला परिषद सदस्य  कन्हाई सिंह की उपस्थिति में घटनास्थल से शव को सुरक्षित उठाया गया. वही वन विभाग के रेंजर अजय टोप्पो के द्वारा मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता के रूप में ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई . साथ ही आगे की मुआवजा प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई . घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे इलाके में मातम पसरा है. ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के बढ़ते आतंक पर अविलंब नियंत्रण करने ओर  इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और स्थायी उपाय करने की मांग की है.

यह भी पढ़ें: चंदनकियारी: हरदयाल बाबू विकास मंच का पुनर्गठन, भुखाली महथा सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित