शनिदेव मंदिर के पास कई गांवों को जोड़ती सड़क पर छो

टैक्सी आप्रेटर्स ने खुद पत्थर डालकर भरा सड़क में बन गया नाला

सड़क पर बन गए नाले को भरते समाजसेवी

तलमेड़ा (ऊना), 26 अगस्त (जस्ट क्लिक) : कुछ कर गुजरने की चाह आसान कर देती है हर राह। इसी को चरितार्थ किया है तलमेड़ा के कुछ समाजसेवी युवाओं ने। कहते हैं कि प्रशंसा वह होती है जो पीठ के पीछे की जाए, मुंह के सामने तो सिर्फ चापलूसी ही होती है और यह कहावत कई बार चरितार्थ भी हो चुकी है। ग्राम पंचायत खरयालता के कुछेक आत्मनिर्भर नौजवानों ने ऐसा कर दिखाया है, जिसकी प्रशंसा करना जरूरी हो गया है। वे कहते हैं कि रास्ते में पड़ा पत्थर सभी को ठोकर लगाता है लेकिन उसे कोई उठाता नहीं है और जो उसे उठाता है वही महान कहलाता है। ग्राम पंचायत खरयालता के निजी एवं टैक्सी आप्रेटरों ने ऐसा ही काम किया है। गौरलतब है कि ग्राम पंचायत खरयालता के तलमेड़ा बाजार में शनिदेव मंदिर के निकट एक नाला सभी लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। यह समस्या कुछेक महीनों या दिनों की नहीं बल्कि वर्षों की थी लेकिन अब इस नाले के मध्य में गहरे-गहरे गड्ढे बन चुके थे। यहां से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहन नीचे टकराकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। यहां तक कि कई दोपहिया वाहन चालक घायल भी हो चुके हैं। इस समस्या को समझते हुए निजी एवं टैक्सी आप्रेटर्स आगे आए और उन्होंने इन गड्ढों व नालों को पत्थरों से भरा ताकि आने-जाने वालों को परेशानी का सामना न करना पड़े। दूसरी ओर लोगों द्वारा इस कार्य की प्रशंसा की जा रही है। बता दें कि तलमेड़ा बाजार में वर्ष 1998-99 में सीमैंट से सड़क का निर्माण किया गया था क्योंकि पानी का अत्याधिक बहाव होने के कारण यहां पर अन्य कोई भी सड़क टिकती नहीं थीं। सीमैंट से सड़क बनने के उपरांत शनिदेव मंदिर जोकि बाद में निर्मित किया गया, के पास नाला नहीं रखा गया था, जिस कारण पानी सड़क पर ही बहता रहता था। पानी के बहाव के कारण फिसलन अधिक हो जाने से यहां पर कई लोग दुर्घटना शिकार होने लगे। इस पर स्थानीय लोगों ने स्वयं ही सीमैंट की सड़क को उखाड़ कर नाली बना दी, जोकि वर्ष दर वर्ष बीतने के चलते नाले का रूप ले गई। अब निजी एवं टैक्सी आप्रेटर्ज की ओर से उक्त नाले को पत्थरों से भर दिया गया। उनके इस समाजसेवी कार्य की आसपास के इलाके में खूब सराहना हो रही है। हालांकि स्थानीय प्रशासन को आगे आकर इस तरह की समस्याओं को समय रहते हल करवाना चाहिए, ताकि जनता को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े।