मौलाना रहमान ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान यहां के ल

पाकिस्तान ने अपने देश की आर्थिक नींव बाहरी कर्ज पर खड़ी की : मौलाना फजलुर रहमान

लाहौर, 8 सितंबर (हि.स.) : जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तान की आर्थिक निर्भरता पर विदेशी कर्जदाताओं की ओर इशारा करते हुए आलोचना की है। रहमान ने दावा किया कि पाकिस्तान ने अपनी आर्थिक आधारशिला विदेशी कर्ज पर खड़ी की है। औपनिवेशिक शासन समाप्त हो गया है, लेकिन आज अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं हमारे देश के लिए निर्णय ले रही हैं। रहमान ने ऐसा कह कर विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से लिए गए कर्ज पर पाकिस्तान की निर्भरता का जिक्र किया। लाहौर के वहदत रोड क्रिकेट ग्राउंड में 'खत्म-ए-नबुव्वत' सम्मेलन में उन्होंने पाकिस्तानी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यदि वे हमारी आर्थिक नीतियां तय करते हैं, तो यह औपनिवेशवाद का ही एक और रूप है। मौलाना रहमान ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान यहां के लोगों का है और एक मजबूत देश के लिए शांति और जन-सुरक्षा अवश्यक है। उन्होंने देश के लगातार बंटवारे का विरोध किया और मुस्लिम दुनिया को विभाजन करने वाली ताकतों पर आरोप लगाया। रहमान ने बताया कि उनकी पार्टी पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों को रद करने की कोशिश करने वाले सभी कदमों का विरोध करेगी। वे नए प्रांत बनाने के किसी भी कदम से पहले राजनीतिक बहस की मांग करते हैं। रहमान ने कहा कि हम प्रांतों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन समय और हालात पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने खनिज संसाधनों पर प्रांतों का नियंत्रण और राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर चर्चा में अपनी भूमिका निभाने की बात कही। जमीयत के प्रमुख ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की आलोचना की और कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की एक संयुक्त राष्ट्रीय पहचान विकसित नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि देश 'दो-राष्ट्र सिद्धांत' के आधार पर एक राष्ट्र बनाने में विफल रहा है और जातीय विभाजन से प्रेरित हिंसा का साक्षी बना है।