भारतीय बैंकिंग इतिहास में 19 जुलाई 1969 एक ऐतिहासिक दिन माना जाता है। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने का फैसला लिया था। इस कदम का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाना, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग का विस्तार करना और आर्थिक विकास को गति देना था। राष्ट्रीयकरण से पहले देश के अधिकांश बड़े बैंक बड़े औद्योगिक घरानों के नियंत्रण में थे। ऐसे में किसानों, छोटे व्यापारियों, कारीगरों और निम्न आय वर्ग के लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं सीमित रूप से ही पहुंच पाती थीं। राष्ट्रीयकरण के बाद सरकार ने बैंकिंग व्यवस्था को सामाजिक और आर्थिक विकास के लक्ष्यों से जोड़ने का प्रयास किया। बैंक राष्ट्रीयकरण का दूसरा चरण 1980 में आया, जब सरकार ने सात और निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का नेटवर्क तेजी से बढ़ा और देश के दूर-दराज़ इलाकों तक बैंक शाखाओं का विस्तार हुआ। वर्तमान में भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ-साथ कई निजी और विदेशी बैंक भी कार्यरत हैं। इसके बावजूद अनुमान है कि बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने वाले लगभग 90 प्रतिशत ग्राहक आज भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर भरोसा करते हैं। यही कारण है कि 19 जुलाई भारतीय बैंकिंग व्यवस्था के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है।
भारतीय बैंकिंग का ऐतिहासिक राष्ट्रीकरण
इतिहास के पन्नों में 19 जुलाई : आज ही के दिन इंदिरा गांधी ने किया था 14 प्रमुख बैंकों का राष्ट्रीयकरण
1969 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 प्रमुख निजी बैंकों का राष्ट्रियकरण करवाया, जिसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों को कवर किया।
By :
Just Click National
,
Sukhwinder Kaur
•
टैग्स:
Indian bank nationalization
Indira Gandhi
14 major private banks
rural banking expansion
public sector banks
19 July history
संबंधित सामग्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नोएडा में डायग्नोस्टिक सैंटर का किया उद्घाटन
कार्यक्रम में कथक नृत्य की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।