पिता के त्याग ने मेरे सपनों को दी उड़ान : सोनम उत्तम मस्कर
नई दिल्ली, (हि.स.) महाराष्ट्र के कोल्हापुर की 10 मीटर एयर राइफल निशानेबाज सोनम उत्तम मस्कर अब 2026 एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनके पिता के बड़े त्याग और परिवार के संघर्ष की कहानी छिपी है। 23 वर्षीय सोनम सितंबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजी टीम का हिस्सा होंगी। शूटिंग प्रतियोगिताएं 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित होंगी। सोनम ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद उनका परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। इसी दौरान उन्हें पेशेवर शूटिंग उपकरण की जरूरत थी, लेकिन उसकी कीमत परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी। तब उनके पिता उत्तम मारुति मस्कर ने अपनी बेटी का सपना पूरा करने के लिए अपनी एक संपत्ति बेच दी। सोनम ने कहा,"एक समय ऐसा था जब हमारा परिवार आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहा था, खासकर लॉकडाउन के दौरान। जब यह साफ हो गया कि आगे बढ़ने के लिए मुझे अपना शूटिंग उपकरण चाहिए, तब मेरे पिता ने एक संपत्ति बेच दी ताकि हम वह खरीद सकें। यह हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ा फैसला था, लेकिन उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया।" सोनम ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि शूटिंग को पेशे के रूप में अपनाएंगी। वर्ष 2018 में मुंबई के टोलानी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार शूटिंग की। उन्होंने कहा,"मुझे हमेशा खेलों में रुचि रही है। मैं शतरंज भी खेलती थी। मैंने कुछ नया करने की सोची और शौक के तौर पर शूटिंग शुरू की। धीरे-धीरे मुझे महसूस हुआ कि मैं इसी में अपना करियर बनाना चाहती हूं।" कोविड महामारी के कारण शुरुआती सफर प्रभावित हुआ, लेकिन वर्ष 2021 से उन्होंने कोल्हापुर शूटिंग रेंज में गंभीरता से अभ्यास शुरू किया। सोनम ने अपने करियर की सबसे खास उपलब्धि 2024 आईएसएसएफ विश्व कप फाइनल में नई दिल्ली में जीता गया रजत पदक बताया। उन्होंने कहा,"दिल्ली में घरेलू दर्शकों के सामने विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीतना मेरे करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है। वह अनुभव हमेशा मेरे साथ रहेगा।"
10 मीटर एयर राइफल में निशानेबाज सोनम का संघर्ष
पिता के त्याग ने मेरे सपनों को दी उड़ान : सोनम उत्तम मस्कर
सोनम उत्तम मस्कर कोल्हापुर से 23 वर्षीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में करियर बना रहा है। पिता जी के निपटारे और परिवार की आर्थिक कठिनाइयों के बीच, वह अपने सपने हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।
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Just Click National
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Harpreet Singh
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