हिमाचल की मॉनसून का कहर, गाँव टूटता!

हिमाचल प्रदेश में बारिश से भूस्खलन, बाढ़: किन्नौर में पुल डूबा, शिमला-रोहडू में वाहनों को बचाया गया

हिमाचल प्रदेश में लगातार मॉनसून की बाढ़ और भूस्खलन ने कई जिलों में जान-माल के नुकसान किए, विशेष रूप से किन्नौर में पुल डूबा, शिमला-रोहडू में वाहनों को सुरक्षित निकाला गया।

By : Harmanjot Singh , Just Click National
हिमाचल प्रदेश में बारिश से भूस्खलन, बाढ़: किन्नौर में पुल डूबा, शिमला-रोहडू में वाहनों को बचाया गया

राउंड अप) हिमाचल में मॉनसून का कहर, किन्नौर में बाढ़ से गांव का संपर्क टूटा, शिमला-रोहड़ू में भूस्खलन
शिमला, (हि.स.) हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मॉनसूनी बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। किन्नौर जिले में बाढ़, शिमला जिले में भूस्खलन और सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किन्नौर की लिप्पा पंचायत के पेजर नाले में वीरवार सुबह करीब छह बजे आई बाढ़ से तेती खड़ का बहाव रुक गया। इससे लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फुट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया और असुरक्षित हो गया। पुल के आसपास बने कई घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पुल के डूबने से लिप्पा गांव का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। लगातार बारिश से जिले के नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं। उधर, कल्पा उपमंडल की कामरू पंचायत के कुप्पा क्षेत्र में चट्टानें टूटकर गिरने से कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा है। एहतियात के तौर पर 20 परिवारों को जीरा फार्म में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।
रोहड़ू और शिमला शहर में भूस्खलन, कई वाहन मलबे की चपेट में आए
बारिश के बीच शिमला जिले में दो स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। रोहड़ू के न्यू बस स्टैंड के पास शिमला-रोहड़ू मुख्य सड़क किनारे पहाड़ी से मलबा गिरने से एक इग्निस और एक ऑल्टो कार उसकी चपेट में आ गईं। राहत की बात यह रही कि समय रहते दोनों वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि क्षेत्र में हल्की स्लाइडिंग अभी भी जारी है। लगातार बारिश के कारण शिकरी नदी भी उफान पर है, जो आगे पब्बर नदी में मिलती है। दूसरी ओर राजधानी शिमला में ऑकलैंड टनल के समीप अग्रवाल धर्मशाला के पास डंगा गिरने से करीब आधा दर्जन गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं। शिमला शहर में सुबह से शाम तक लगातार बारिश होती रही, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा और मौसम में ठंडक बढ़ गई।