औरैया, हि. स.) उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मौहारी स्थित करीब 150 वर्ष पुराने प्राचीन राम-जानकी मंदिर परिसर में प्रस्तावित अन्नपूर्णा भंडार निर्माण को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का विरोध सामने आया। मंदिर के पीछे निर्माण के लिए भूमि चिन्हित किए जाने की जानकारी मिलते ही महंत, ग्रामीण और महिलाएं बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए तथा निर्माण कार्य रुकवा दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अन्नपूर्णा भंडार का निर्माण किसी अन्य सरकारी भूमि पर कराए जाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश सरकार की अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत लेखपाल द्वारा मंदिर परिसर के पिछले हिस्से को निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है। इस निर्णय का विरोध करते हुए महंत राजेश्वर दास के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नारेबाजी की और मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के गैर-धार्मिक निर्माण का विरोध दर्ज कराया। महंत राजेश्वर दास ने कहा कि राम-जानकी मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां केवल धार्मिक गतिविधियों से जुड़े निर्माण, संत आवास, राम रसोई अथवा श्रद्धालुओं की सुविधाओं से संबंधित भवन ही बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव में अन्य सरकारी भूमि उपलब्ध है, इसलिए अन्नपूर्णा भंडार का निर्माण वहीं कराया जाए, जिससे मंदिर की पवित्रता और सुरक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े।
ग्रामीणों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि निर्माण के लिए खोदी गई नींव में हाल की बारिश का पानी भर गया था, जिससे पानी मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया। महंत और ग्रामीणों ने मिलकर पानी बाहर निकाला। उनका कहना है कि यदि नींव को जल्द नहीं भरा गया तो मंदिर भवन की संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से तत्काल नींव भरवाने और निर्माण स्थल बदलने की मांग की। उपजिलाधिकारी अजीतमल अमित कुमार तिवारी ने बताया कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। यदि ग्रामीण सर्वसम्मति से ऐसी अन्य सरकारी भूमि उपलब्ध कराते हैं, जिस पर किसी प्रकार का विवाद या आपत्ति न हो, तो अन्नपूर्णा भंडार का निर्माण वहां कराने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी पक्षों से संवाद कर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेगा।
प्राचीन मंदिर परिसर पर अन्न भंडार निर्माण का विरोध
राम-जानकी मंदिर परिसर में अन्नपूर्णा भंडार निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने रुकवाया कार्य
150 वर्ष पुराने राम-जानकी मंदिर के परिसर में अन्न भंडार निर्माण को विरोध करते हुए ग्रामवासियों ने स्थानीय प्रशासन से विनियोग का स्थान बदलने की मांग की। स्थानीय महंत और ग्रामीणों ने कहा कि ऐसा करने से पवित्रता एवं धार्मिक महत्व नष्ट हो सकता है। उपजिला अधिकारी ने अनुनाय की प्रक्रिया शुरू की।
By :
Just Click National
,
Harpreet Singh
•
टैग्स:
ancient temple land dispute
grain storage protest
Ram-Janaki mandir
UP gramin opposition
public land alternative
संबंधित सामग्री
पांच शाम संगीत के नाम, कजरी से शास्त्रीय सुरों तक सजेगा विंध्य का सांस्कृतिक मंच
मीरजापुर गौघाट मंदिर परिसर में एक बार फिर से संगीत के सुर गूंजेंगे। श्रोताओं को भजन, गजल एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियों से रूबरू करवाया जाएगा।