पश्चिमी सिंहभूम, (हि.स.) नानकशाही कैलेंडर के अनुसार गुरुवार से सावन माह का शुभारंभ होने पर चाईबासा स्थित गुरुद्वारा नानक दरबार में विशेष गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत ने गुरु घर में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरबाणी कीर्तन का रसास्वादन किया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा के ग्रंथी हरभजन सिंह ने बारह माह के पाठ से की। इसके बाद उन्होंने साज के साथ गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से जोड़ दिया। कीर्तन के दौरान पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और संगत गुरु की वाणी में लीन रही। इस अवसर पर ग्रंथी हरभजन सिंह ने सावन माह से संबंधित गुरबाणी की पंक्तियां संगत को सुनाते हुए उनके आध्यात्मिक महत्व की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव प्रभु के नाम का स्मरण करना चाहिए तथा सत्य, सेवा और मानव कल्याण के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने संगत से गुरु साहिब की शिक्षाओं को दैनिक जीवन में अपनाने का भी आह्वान किया। धार्मिक दीवान के समापन पर समस्त श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना करते हुए अरदास की गई। इसके बाद संगत के बीच प्रसाद वितरित किया गया तथा अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। सावन माह के प्रथम दिन आयोजित इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।
नानक दरबार में गुरु ग्रंथी की धार्मिक समारोह
गुरुद्वारा नानक दरबार में विशेष गुरमत समागम का आयोजन
सावन माह की पहला दिन चाईबासा में स्थित गुरुद्वारा नानक दरबार में संक्षिप्त गुरबाणी कीर्तन के साथ धार्मिक समागम हुआ, जहां ग्रंथी हरभजन सिंह ने सत्य और आत्मिक मूल्यों पर जोर दिया
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Kamaljeet Singh Kamal
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