चंडीगढ़; 10 अगस्त: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने, सशस्त्र बलों में पंजाबियों की भर्ती को बढ़ावा देने और सेवारत सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए पंजाब सरकार और भारतीय सेना के बीच और अधिक मजबूत सहयोग का आह्वान किया। चंडीगढ़ में थल सेना प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) जनरल धीरज सेठ के साथ हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा और पंजाब से संबंधित सैन्य मामलों पर भी चर्चा की, जिसमें सीमा पार से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता भी शामिल थी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "पंजाबी हमेशा देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अग्रणी रहे हैं। राज्य सरकार सशस्त्र बलों में पंजाबियों की भर्ती बढ़ाने के लिए पहले से ही अथक प्रयास कर रही है। हमारी सरकार देश की रक्षा करने वाले हमारे बहादुर सैनिकों और पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इंकलाब जिंदाबाद।" भारतीय सेना को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "पंजाब सरकार इस नेक कार्य के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसमें कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। अपनी शुरुआत से ही पंजाब देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में सबसे आगे रहा है और इस परंपरा को आगे भी जारी रखा जाएगा। मैं संकट की घड़ी में विशेष रूप से हाल ही में आई बाढ़ के दौरान राज्य के लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाने के लिए भारतीय सेना का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं।"