चंडीगढ़, पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कनाडा में वर्क परमिट संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे पंजाबी विद्यार्थियों के मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि पंजाब सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर शीघ्र मुलाकात के लिए समय मांगा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि इस मामले को कनाडा सरकार के समक्ष कूटनीतिक स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाए, ताकि प्रभावित विद्यार्थियों को जल्द राहत मिल सके।कैबिनेट मंत्री ने कहा कि ये हमारे अपने बच्चे हैं, जो अपने तथा अपने परिवारों के बेहतर भविष्य की उम्मीद में लगभग 20-20 लाख रुपये खर्च करके कनाडा पढ़ने गए थे। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों ने कनाडा की फेडरल कोर्ट में कानूनी लड़ाई भी शुरू कर दी है। यदि आवश्यकता पड़ी तो पंजाब सरकार प्रभावित विद्यार्थियों को सामूहिक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए योग्य अधिवक्ताओं की सेवाएं उपलब्ध करवाने की संभावना पर भी विचार करेगी, ताकि विद्यार्थियों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम किया जा सके। डॉ. रवजोत सिंह ने कनाडा में पंजाबी मूल के सांसदों से भी अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस मानवीय मुद्दे को कनाडाई सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार विदेशों में रह रहे पंजाबियों तथा पंजाबी विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस मामले के समाधान के लिए केंद्र सरकार तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर हरसंभव प्रयास करेगी।