चंडीगढ़, 1 सितंबर (जस्ट क्लिक) : कारोबारी सुगमता और कानूनी सख्ती के बीच शानदार संतुलन बिठाते हुए पंजाब ने अगस्त माह में मजबूत आर्थिक स्वास्थ्य की तस्वीर पेश की है। राज्य ने न केवल शुद्ध जी.एस.टी. राजस्व में साल-दर-साल 11.84 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की, बल्कि स्टेट जी.एस.टी. नकद वसूली में 18.77 प्रतिशत की शानदार बढ़ौतरी के साथ भारत के प्रमुख राज्यों का नेतृत्व भी किया। आज यहां जारी प्रैस बयान में इन उपलब्धियों को साझा करते हुए पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य की वित्तीय वसूली में लगातार बड़ी वृद्धि हो रही है। राज्य ने अगस्त 2026 में 2,406.33 करोड़ रुपए का शुद्ध जी.एस.टी. राजस्व दर्ज किया है, जोकि अगस्त 2025 में एकत्रित किए गए 2,151.63 करोड़ रुपए से काफी अधिक है। 254.70 करोड़ रुपए की यह वृद्धि 11.84 प्रतिशत की ठोस वृद्धि दर को दर्शाती है। एस.जी.एस.टी. नकद वसूली के योगदान को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि एस.जी.एस.टी. की नकद वसूली 750.37 करोड़ रुपए से बढ़कर 891.24 करोड़ रुपए हो गई है। 140.87 करोड़ रुपए का यह उछाल 18.77 प्रतिशत की वृद्धि दर को दर्शाती है, जो इस महीने के लिए देश के किसी भी प्रमुख राज्य द्वारा दर्ज की गई सर्वोच्च एस.जी.एस.टी. नकद बढ़ौतरी है। अप्रैल से अगस्त 2026 की अवधि के बारे में बात करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का कुल जी. एस. टी. राजस्व 12,861.42 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जबकि 2025 की इसी अवधि के दौरान यह 10,971.62 करोड़ रुपए था। यह 1,889.80 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी को दर्शाता है, जो 17 प्रतिशत की स्थिर विकास दर है। साझा वसूली में 15.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अगस्त 2025 के 619.18 करोड़ रुपए से बढ़कर अगस्त 2026 में 716.66 करोड़ रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब का मजबूत राजस्व प्रदर्शन ईमानदार करदाताओं के बढ़ते विश्वास, निरंतर आर्थिक गतिविधि और प्रौद्योगिकी-संचालित कर प्रशासन को दर्शाता है। इसके साथ ही जाली बिलिंग, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट या धोखाधड़ी रिफंड चेन का उपयोग करने वालों के लिए हमारा संदेश स्पष्ट है कि ऐसे हर नैटवर्क का पता लगाया जाएगा, सार्वजनिक राजस्व की रक्षा की जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।