चंडीगढ़, पंजाब में जनसेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए राज्य के वित्त मंत्री तथा कर्मचारियों के मुद्दों एवं मांगों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज घोषणा की कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की 16 यूनियनों तथा आम आदमी क्लीनिक (एएसी) स्टाफ यूनियन ने आधिकारिक रूप से अपनी हड़ताल वापस ले ली है और कर्मचारी पुनः कार्य पर लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि यह निर्णय पिछले दो दिनों के दौरान राज्य सरकार के नेतृत्व में हुई विस्तृत वार्ताओं के बाद लिया गया, जिनमें स्वास्थ्य कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करने तथा बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों की वित्तीय मांगों पर विचार के लिए एक विशेष वित्तीय समिति गठित करने सहित महत्वपूर्ण मुद्दों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि आम आदमी क्लीनिक (एएसी) यूनियन के प्रतिनिधियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक के बीच हुई बैठक के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विवाद का भी समाधान हो गया है। वित्त मंत्री ने सफाई एवं सीवरेज बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए बताया कि उनके तथा स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ हुई चर्चा के बाद संबंधित प्रमुख यूनियनों ने भी अपनी हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के सकारात्मक और कर्मचारी हितैषी दृष्टिकोण को दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “आउटसोर्स कर्मचारियों को अनुबंध के दायरे में लाने के लिए एक अध्यादेश राज्यपाल को भेज दिया गया है। इससे राज्यभर के हजारों कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा तथा अधिक सुदृढ़ सेवा शर्तों का लाभ मिलेगा।” बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं का सामान्य संचालन पूरी तरह बहाल होने पर वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार कर्मचारियों के कल्याण और राज्य के लोगों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।