गुवाहाटी, 12 अगस्त (हि.स.) : असम में बाढ़ से 112,718 लोग प्रभावित हुए हैं और 441 गांव अभी भी इसकी चपेट में हैं। नदियों का पानी कम हो रहा है, जिससे कई जिलों में हालात धीरे-धीरे नॉर्मल हो रहे हैं। हालांकि, कई जिलों में बाढ़ अभी भी जारी है। प्रभावित लोग किनारों पर बने रिलीफ कैंप और प्लास्टिक टेंट में पनाह ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा रोज़ रिव्यू मीटिंग कर रहे हैं और अधिकारियों को हर मुमकिन कदम उठाने का निर्देश दे रहे हैं। वह अपने कैबिनेट साथियों के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा भी कर रहे हैं। वॉलंटरी ऑर्गनाइज़ेशन और लोग भी प्रभावित लोगों की मदद में एक्टिव रूप से शामिल हैं। असम स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के 11 अगस्त के डेटा के मुताबिक, धनसिरी नदी (नुमालीगढ़) और कुशियारा नदी (श्रीभूमि) अभी भी इलाके में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अब तक बाढ़ से 102 लोगों की मौत हो चुकी है। गोलाघाट, सिबसागर, होजई, जोरहाट, दरांग, लखीमपुर और नागांव जिले अभी भी प्रभावित हैं। इन जिलों के 25 रेवेन्यू डिवीज़न के कुल 441 गांव प्रभावित हैं। 10,879.03 हेक्टेयर खेती की ज़मीन डूब गई है। एस.डी.आर.एफ., डी.डी.आर.एफ., पुलिस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, सर्कल ऑफिस/लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और सिविल डिफेंस/ट्रेंड वॉलंटियर बाढ़ राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं। सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में 67 मेडिकल टीमें तैनात की हैं और 10 नावें भी राहत के काम में लगी हैं। इन नावों के ज़रिए 121 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ की वजह से सड़कें, पुल और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत नुकसान हुआ है।