रीवा, 02 सितंबर (हि.स.) : मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते लगातार हो रही बारिश ने विंध्य क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली और शहडोल संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बुधवार काे भी कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा असर सतना और चित्रकूट में दिखाई दे रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट इलाके में करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी की चपेट में आ गए हैं। वहीं, रीवा जिले में बिहार और टमस नदियों के बढ़े जलस्तर के साथ तराई क्षेत्र में बेलन नदी भी उफान पर है। बांधों के गेट खुलने से बढ़ा पानी का बहाव लगातार बारिश के बीच बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बाणसागर बांध के आठ गेट खोले जाने के बाद सोन नदी के बहाव में तेजी आई है। इससे नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बेलन नदी पर बने बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। इसके अलावा टमस नदी पर स्थित बकिया बैराज डैम के गेट खोले जाने से तराई क्षेत्र के गांवों में पानी का दबाव बढ़ गया है। लगातार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट क्षेत्र में पानी भरने से करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए सतना, रीवा और मैहर जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों को 2 और 3 सितंबर को बंद रखने का फैसला लिया गया है। अगले दो दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अभी बना हुआ है। इसके चलते रीवा सहित पूरे विंध्य और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।