फतेहाबाद, (हि.स.) दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को सैंकड़ों लोगों ने शहर में प्रदर्शन किया गया। भारत की जनवादी नौजवान सभा जिला फतेहाबाद के आह्वान पर यह रोष मार्च अंबेडकर पार्क से शुरू होकर लाल बत्ती चौक, जवाहर चौक और जीटी रोड से होते हुए निकला। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं, महिलाओं और विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया तथा केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नौजवान सभा के राज्य उपप्रधान शाहनवाज ने कहा कि जंतर-मंतर पर देश के युवा शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे थे। उन पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग करना सीधा लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा भयंकर बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा के तेजी से हो रहे निजीकरण और रोजगार के घटते अवसरों से हताश है। सरकार संवाद स्थापित करने के बजाय दमन और भय का माहौल बनाकर जन आंदोलनों को कुचलना चाहती है। डीवाईएफआई के जिला प्रधान पवन ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक ताकत जनता की बात सुनने, संवाद कायम करने और असहमति का सम्मान करने में निहित है, न कि पुलिस बल और लाठीचार्ज के जरिए आवाज दबाने में। उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास गवाह है कि युवाओं और छात्रों की न्यायसंगत मांग को बल प्रयोग से कभी शांत नहीं किया जा सका है।रोष प्रदर्शन में बीघड़ गांव से मुनीश, प्रवीण, भोडिया खेड़ा से सचिन, सुमित, ढिंगसरा से प्रमोद, संदीप शर्मा, भूथन कलां से पंकज, जांडली कलां से छात्रा अवनी, महिला समिति से सुदेश कुमारी के अलावा नागरिक अधिकार मंच से राजीव सेतिया, दुष्यंत शर्मा, संदीप माहिया, भगवंत सेठी, नगर पार्षद मोहनलाल नारंग, डॉ. सुनीता सोखी, उषा दहिया, डॉ. विनय सिंगला, पिंकी चौधरी, डॉ. चौहान, रेशमा शर्मा, अंजू सिंगला तथा बार एसोसिएशन की पूर्व सचिव कमलेश वशिष्ठ सहित कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।