निशानेबाजों के लिए भोपाल और नई दिल्ली में लगेंगे अंतिम तैयारी शिविर

एशियाई खेलों से पहले होगी रिहर्सल

निशानेबाजों के लिए भोपाल और नई दिल्ली में लगेंगे अंतिम तैयारी शिविर

खिलाड़ियों की स्पर्धाओं के अनुसार उन्हें संबंधित केंद्रों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

निशानेबाजों के लिए भोपाल और नई दिल्ली में लगेंगे अंतिम तैयारी शिविर 

नई दिल्ली, 4 सितंबर (हि.स.) : भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने आगामी एशियाई खेलों से पहले भारतीय निशानेबाजों के अंतिम तैयारी शिविरों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन शिविरों का उद्देश्य खिलाड़ियों की तकनीक को अंतिम रूप देना, मानसिक तैयारी को मजबूत करना और उन्हें प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार करना है। एशियाई खेलों में निशानेबाजी की स्पर्धाएं 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जापान के आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग रेंज में आयोजित होंगी। तैयारी शिविर देश के दो प्रमुख निशानेबाजी केंद्रों भोपाल में मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी और नई दिल्ली की डॉ. कर्णी सिंह निशानेबाजी रेंज में आयोजित किए जाएंगे। खिलाड़ियों की स्पर्धाओं के अनुसार उन्हें संबंधित केंद्रों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। राइफल और पिस्टल वर्ग के खिलाड़ियों का शिविर 5 से 14 सितंबर तक भोपाल में होगा। शॉटगन की स्कीट स्पर्धा का शिविर 4 से 14 सितंबर और ट्रैप स्पर्धा का शिविर 10 से 18 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “2026 के एशियाई खेल हमारे निशानेबाजों के लिए महाद्वीपीय स्तर पर अपनी असाधारण प्रतिभा दिखाने का एक बड़ा अवसर हैं। ये तैयारी शिविर पदक जीतने की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हमें अपने खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता कायम है, ताकि वे देश का गौरव बढ़ा सकें।” संघ के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि भोपाल और नई दिल्ली में एक साथ इन शिविरों का आयोजन यह सुनिश्चित करता है कि हमारे खिलाड़ी अपनी-अपनी स्पर्धाओं के लिए उपयुक्त माहौल में प्रशिक्षण ले सकें। प्रशासनिक टीम ने व्यवस्थाओं, बुनियादी ढांचे और सहयोगी स्टाफ के समन्वय के लिए लगातार काम किया है, ताकि खिलाड़ी पूरी तरह अपनी अंतिम तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के उच्च प्रदर्शन निदेशक डॉ. पियरे ब्यूशां ने कहा कि इस महत्वपूर्ण चरण में हमारा ध्यान प्रशिक्षण की मात्रा से ज्यादा सटीकता, मानसिक मजबूती और तकनीकी सुधार पर है। इन अंतिम शिविरों की संरचना से खेल विज्ञान और कोचिंग टीम प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन के आंकड़ों पर करीबी नजर रख सकेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि एशियाई खेलों में निशानेबाजी रेंज पर उतरते समय खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर हों।

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