हिसार/हांसी, (हि.स.) हनीट्रप में फंसाकर एक व्यक्ति से गाड़ी छीनने के मामले में अदालत ने दो दोषियों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत नेे दोनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने जींद के मनीष व गुरमीत को शनिवार को दोषी करार दिया था जबकि इस मामले में तीन आरोपियों को बरी कर दिया था। दोषियों को सोमवार को सजा सुनाई गई। अदालत में चले मामले के अनुसाार शहर थाना पुलिस ने इस संबंध में पांच जुलाई 2021 को पीड़ित के बयान पर एक युवती समेत 5-6 अन्य के खिलाफ अपहरण करना, फिरौती मांगना, लूटपाट, षड़यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। पुलिस को दी गई शिकायत में शहर के रहने वाले व्यक्ति ने बताया था कि उसका आटो मार्केट में दफ्तर है। एक युवती के साथ इंटरनेट पर चैटिंग होती थी। पांच जुलाई को युवती ने फोन कर कहा कि वह नागरिक अस्पताल के मोड पर है। उसके बाद उसे लेने के लिए चला गया। युवती ने गाड़ी में बैठने के बाद एक होटल में जाने की बात कहीं। वहां पर दोनों के बीच संबंध बने। बीस मिनट के बाद युवती ने कहा कि उसे कहीं जाना है। ऐसे में गाड़ी में बैठकर बरवाला चुंगी की तरफ आने लगे। रास्ते में युवती ने कहा कि उसे उल्टी आ रही है और गाड़ी रूकवा ली। इसी दौरान दो गाड़ी उसकी गाड़ी के पीछे आकर रूकी जिस पर टैक्सी नंबर की प्लेट लगी हुई थी। चार युवक उसकी गाड़ी में आकर बैठ गए, फिर एक युवक ने मेरा पर्स निकाल लिया, उसमें पांच हजार रुपये थे। फिर मुझे बरवाला और सुरेवाला चौक की तरफ ले गए। युवकों ने कहा कि परिजनों के पास फोन करके 30 लाख रुपये मंगवाओं नहीं तो जान से मारकर नहर में फेंक देंगे। उनके कहने पर घर पर फोन किया और युवकों को कहा कि पांच-छह लाख रुपये का इंतजाम हो पाया है। रुपये मेरे दफ्तर पर चलने के बाद मिलेेंगे। फिर चारों युवक शहर की तरफ गाड़ी लेकर चल पड़े। रास्ते में दो युवक बरवाला चुंगी के पास उतर गए और दो युवक दफ्तर में आए। वहां पर मेरा बेटा और उसके दोस्त बैठे हुए थे। अपहरण करने वाले युवक ने रुपये मांगे तो देने से इंकार कर दिया। इसी दौरान दोनों युवक मेरी गाड़ी लेकर फरार हो गए थे। इसी मामले में अदालत ने दोनों दोषियों को यह सजा सुनाई है।