शिमला, (हि.स.) हिमाचल प्रदेश में ओरेंज अलर्ट के बीच हुई व्यापक बारिश का जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। चम्बा जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जहां कई घर भूस्खलन व फ्लैश फ्लड की चपेट में आये। बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 140 मिलीमीटर बारिश चंबा जिले के जोत में दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नैना देवी में 120 मिमी, चंबा के चुआड़ी में 110 मिमी, मंडी के कटौला में 90 मिमी, मुरारी देवी में 80 मिमी, कांगड़ा के घमरूरू और शिमला में 60-60 मिमी तथा बिलासपुर के ब्राह्मणी और ऊना में 50-50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी शिमला में सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक तेज बारिश हुई। कार्ट रोड पर कांग्रेस कार्यालय के आगे भूस्खलन होने से कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही, हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। दिन में बालूगंज-चक्कर सड़क पर एक सूखा पेड़ गिरने से यातायात कुछ देर बाधित रहा। दिन के समय बारिश नहीं होने से लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से भूस्खलन और फ्लैश फ्लड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने, नदियों-नालों से दूरी बनाए रखने, जलभराव वाले इलाकों से बचने, यातायात सलाह का पालन करने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है।