हमारी सरकार की 'युद्ध नशियाँ विरुद्ध' मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब नशा-मु...

'युद्ध नशियाँ विरुद्ध' मुहिम

हमारी सरकार की 'युद्ध नशियाँ विरुद्ध' मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब नशा-मुक्त नहीं हो जाता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह

पंजाब का हर गाँव और शहर नशों के विरुद्ध सरकार की जंग में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

हमारी सरकार की युद्ध नशियाँ विरुद्ध मुहिम तब तक जारी रहेगी जब तक पंजाब नशा-मुक्त नहीं हो जाता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह

लुधियाना, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की 'युद्ध नशियाँ विरुद्ध' मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य से नशों की जड़ से सफाई नहीं हो जाती। उन्होंने घोषणा की कि 'युद्ध नशियाँ विरुद्ध' की शानदार सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हुई है। इस कार्यक्रम के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, "आज लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटियों के वॉलंटियरों से मुलाकात की। नशों के खिलाफ हमारी मुहिम ने पिछले 500 से अधिक दिनों में शानदार नतीजे दिए हैं। पंजाब पुलिस और हमारे वॉलंटियरों के संयुक्त प्रयासों से 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नशा तस्करी की रीढ़ टूट गई है। जिस राज्य को कभी 'उड़दा पंजाब' कहा जाता था, वह अब 'पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब' में बदल रहा है। स्कूली शिक्षा में पंजाब का पहला स्थान, 882 विद्यार्थियों का नीट क्वालीफाई करना और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियाँ इस बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। आओ सब मिलकर 'रंगला पंजाब' बनाएँ। इंकलाब जिंदाबाद।"
        मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में 'चिट्टा' लाया और कांग्रेस ने इसे आगे बढ़ाया और इसको संरक्षण दिया। ये दोनों पार्टियाँ राज्य में बुरे शासन के लिए जिम्मेदार थीं। उन्होंने आगे कहा, "आज हमारी सरकार ने राज्य से नशों की सफाई कर दी है। किसी को नशा छुड़ाने में मदद करना उस व्यक्ति को तीर्थ यात्रा पर ले जाने के बराबर है। मुझे इस बात की बहुत संतुष्टि है कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्रांति के जरिए पंजाब के इतिहास को 'उड़दा पंजाब' से 'पढ़दा पंजाब' में बदल दिया है।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा किया है, समग्र ढाँचे को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है। उन्होंने आगे कहा, "पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पंजाब अब इस क्षेत्र में देश में पहले नंबर पर है।"


 

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