पंजाब स्कूल बोर्ड परीक्षा में बड़ी गलतियाँ, ग्रेस मार्क्स की मांग

पंजाब स्कूल बोर्ड विवाद

पंजाब स्कूल बोर्ड परीक्षा में बड़ी गलतियाँ, ग्रेस मार्क्स की मांग

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 8वीं कक्षा की कंप्यूटर साइंस परीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई। विभिन्न माध्यमों में प्रश्न पत्र भिन्न थे, जिससे विद्यार्थियों में असमानता उत्पन्न हुई।

पंजाब स्कूल बोर्ड परीक्षा में बड़ी गलतियाँ ग्रेस मार्क्स की मांग

इसी के चलते पंजाब भर के कंप्यूटर अध्यापकों,  |

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का विवादों के साथ चोली-दामन का साथ रहा है और एक बार फिर बोर्ड अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। कल आयोजित हुई आठवीं कक्षा की कंप्यूटर साइंस विषय की परीक्षा के प्रश्न पत्र में बोर्ड द्वारा की गई बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस विसंगति के कारण राज्य भर के कंप्यूटर अध्यापकों, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भारी रोष है और उन्होंने बोर्ड से विद्यार्थियों के लिए 'ग्रेस मार्क्स' की मांग उठाई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कंप्यूटर फैकल्टी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार मलूका, जसपाल फतेहगढ़ साहिब, लखविंदर सिंह फिरोजपुर, पवन शर्मा जालंधर, हरचरण सिंह, जतिंदर सिंह सोढी, राकेश सैनी पठानकोट और कंप्यूटर अध्यापक भूख हड़ताल संघर्ष कमेटी के नेता परमवीर सिंह पम्मी ने बताया कि 24 फरवरी को 8वीं कक्षा के कंप्यूटर साइंस विषय की परीक्षा हुई। नियम के अनुसार फाइनल बोर्ड परीक्षा में सभी प्रश्न पत्र अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी माध्यम में एक साथ आते हैं और तीनों माध्यमों के प्रश्न एक समान होने चाहिए। परंतु, इस परीक्षा में पंजाबी माध्यम में दिए गए प्रश्न हिंदी माध्यम से बिल्कुल भिन्न थे, जबकि प्रश्न पत्र एक ही था।
हैरानी की बात यह है कि एक-एक नंबर वाले प्रश्नों में पूछी गई 'फुल फॉर्म्स' पंजाबी में कुछ और थीं, जबकि हिंदी और अंग्रेजी में कुछ और। इसके अलावा 4-4 नंबर के 3 प्रश्न भी माध्यमों के आधार पर पूरी तरह अलग थे, जिसके चलते कुल 13 नंबर का बड़ा फर्क सामने आया है। हालांकि सवाल अपनी जगह गलत नहीं हैं, लेकिन एक ही प्रश्न पत्र में माध्यम के आधार पर प्रश्नों के अलग होने से किसी विद्यार्थी के लिए यह पेपर सरल रहा तो किसी के लिए बहुत कठिन।
कंप्यूटर अध्यापकों ने कहा कि अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या बोर्ड के किसी अधिकारी ने यह चेक करना जरूरी नहीं समझा कि तीनों माध्यमों में पेपर एक समान है या नहीं? अध्यापकों और अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड अधिकारियों की इस गलती का खामियाजा विद्यार्थी क्यों भुगतें? इसी के चलते पंजाब भर के कंप्यूटर अध्यापकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए बोर्ड से ग्रेस मार्क्स देने की पुरजोर मांग की है।

संबंधित सामग्री

जादवपुर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘ऋषि अरविंद विश्वविद्यालय’ रखा जाए

देश

जादवपुर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर ‘ऋषि अरविंद विश्वविद्यालय’ रखा जाए

जिस उद्देश्य और आदर्श को लेकर इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी, आज उसके विपरीत गतिविधियों और विचारों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में दीवार पर फिर लिखे वामपंथी नारे

देश

जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में दीवार पर फिर लिखे वामपंथी नारे

ए. बी. वी. पी. छात्र संगठन का आरोप है कि यह नया दीवार लेखन नक्सलपंथियों द्वारा किया गया है।

बॉक्स ऑफिस पर 'टॉक्सिक' का जलवा जारी, 5 दिनों में 200 करोड़ क्लब में एंट्री

देश

बॉक्स ऑफिस पर 'टॉक्सिक' का जलवा जारी, 5 दिनों में 200 करोड़ क्लब में एंट्री

हालांकि यश की पिछली फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 2' की तुलना में ‘टॉक्सिक’ की शुरुआत काफी कमजोर रही है।

 भाजपा, 14 से 22 साल के युवाओं पर रहेगा फोकस

दिल्ली

भाजपा, 14 से 22 साल के युवाओं पर रहेगा फोकस

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर भी युवाओं की राय जानने की कोशिश की जाएगी

राहुल गांधी का व्यवहार उद्दंड बालक जैसाः गिरिराज सिंह

दिल्ली

राहुल गांधी का व्यवहार उद्दंड बालक जैसाः गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के संसदीय भाषण पर हिंसक टिप्पणियों का आरोप लगाया, सांसद की गरिमा और मर्यादा को नुक्सान पहुंचाने के लिए आलोचना की।