29 जुलाई विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के इतिहास में एक ऐतिहासिक दिन माना जाता है। इसी दिन वर्ष 1958 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ड्वाइट डी. आइजनहावर ने नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एक्ट पर हस्ताक्षर किए। इसी कानून के माध्यम से दुनिया की अग्रणी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के गठन का रास्ता साफ हुआ। इस अधिनियम के लागू होने के बाद 01 अक्टूबर 1958 से नासा ने लगभग 100 मिलियन डॉलर की प्रारंभिक निधि के साथ अपना आधिकारिक कार्य शुरू किया। नासा ने उस समय की नेशनल एडवाइजरी कमेटी फॉर एरोनॉटिक्स की जिम्मेदारियों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिका के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और एयरोस्पेस अनुसंधान का दायित्व संभाला। स्थापना के बाद से नासा ने अंतरिक्ष विज्ञान में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। अपोलो मिशन के जरिए वर्ष 1969 में मानव को पहली बार चंद्रमा पर पहुंचाना, स्पेस शटल कार्यक्रम, हबल स्पेस टेलीस्कोप, मंगल ग्रह पर रोवर मिशन, वॉयेजर जैसे अंतरग्रहीय अभियान तथा आर्टेमिस मिशन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं नासा की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं। आज नासा विश्व की सबसे प्रतिष्ठित अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थाओं में गिनी जाती है। इसके वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों ने न केवल अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा दी है, बल्कि मौसम पूर्वानुमान, संचार, पृथ्वी अवलोकन और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।