भागलपुर, 30 सितंबर (हि.स.) : गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के दबाव के बीच राघोपुर-शंकरपुर तटबंध को फिलहाल सुरक्षित कर लिया गया है। तटबंध पर खतरे की स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीम ने चौबीसों घंटे निगरानी रखते हुए युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग का काम किया। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता एवं टीम लीडर इंजीनियर जय प्रकाश ने बताया कि राघोपुर-शंकरपुर तटबंध के पास गंगा के बहाव की प्रवृत्ति में अचानक बदलाव के कारण राहत कार्य के दौरान टीम को काफी चुनौती का सामना करना पड़ा। तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलते ही विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और दिन-रात काम कर इसे सुरक्षित किया। तटबंध की सुरक्षा के लिए विभाग के चार दर्जन से अधिक इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही। मुख्य अभियंता ने अभियान की सफलता का श्रेय पूरी टीम की मेहनत और सरकार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में बिहार सरकार, जल संसाधन मंत्री और स्थानीय दोनों मंत्रियों से लगातार सहयोग और मार्गदर्शन मिला। इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौके पर रहकर स्थिति को नियंत्रित करने का काम किया। भविष्य में तटबंध को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की योजना पर मुख्य अभियंता ने बताया कि इस्माईलपुर क्षेत्र में सीट पाइलिंग तकनीक से बांध को स्थायी सुरक्षा दी गई है। इसी तर्ज पर राघोपुर तटबंध की स्थायी मरम्मत पर भी विचार किया जा रहा है। विभाग जल्द ही इसकी कार्ययोजना और तकनीकी समाधान पर अंतिम निर्णय लेगा। तटबंध के सुरक्षित होने के बाद राघोपुर और शंकरपुर के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों ने बाढ़ के खतरे के बीच लगातार काम करने वाले इंजीनियरों और कर्मचारियों की सराहना की। साथ ही उन्होंने सरकार से तटबंध की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की, ताकि भविष्य में क्षेत्र को बाढ़ और कटाव के खतरे से बचाया जा सके।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच राघोपुर-शंकरपुर तटबंध सुरक्षित
गंग्रामीणों ने बाढ़ के खतरे के बीच लगातार काम करने वाले इंजीनियरों और कर्मचारियों की सराहना की
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