कैथल, 03 अक्टूबर (हि.स.) : जिले की अनाज मंडियों में पीआर धान की आवक बढ़ने के साथ खरीद और उठान की धीमी रफ्तार से किसानों और आढ़तियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नई अनाज मंडी में बिना बोली के खरीदे गए धान के एक लाख से अधिक कट्टे जमा हैं। खरीद एजेंसियों के रिकॉर्ड में धान दर्ज नहीं होने के कारण उठान अटका हुआ है। मंडी के शेड और आसपास के स्थानों पर स्टॉक बढ़ने से नई आवक के लिए जगह की कमी होने लगी है। आढ़तियों और मिलर्स द्वारा किसानों से बिना बोली के खरीदे गए पीआर धान को अभी संबंधित एजेंसियों के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया है। भारतीय किसान यूनियन ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए किसानों को एमएसपी के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, मंडी में लगातार बढ़ रही आवक को देखते हुए आने वाले दिनों में व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। 1509 किस्म के धान के भाव में भी गिरावट दर्ज की गई। दो दिन पहले करीब 4,460 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा भाव शनिवार को अधिकतम करीब 4,200 रुपये प्रति क्विंटल रहा। भाव में गिरावट से किसानों में मायूसी है। हालांकि पिछले साल की तुलना में इस सीजन में 1509 के भाव करीब 1,300 से 1,400 रुपये प्रति क्विंटल अधिक बताए जा रहे हैं। पुरानी अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि मंडी में अब तक करीब तीन हजार क्विंटल धान पहुंच चुका है। आवक बढ़ने पर शहर के बीच स्थित मंडी में जाम की समस्या भी बढ़ सकती है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र ढुल ने बताया कि पहले खरीदे गए पीआर धान की जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। वेरिफिकेशन के बाद संबंधित धान के गेट पास काटे जा चुके हैं और रिकॉर्ड में इसे किसानों का धान दर्ज किया गया है।
धीमी खरीद और उठान से बढ़ी किसानों की परेशानी
कैथल: मंडियों में पीआर धान का स्टॉक बढ़ा
खरीद एजेंसियों के रिकॉर्ड में धान दर्ज नहीं होने के कारण उठान अटका हुआ है
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Just Click National
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Sukhwinder Kaur
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