नई दिल्ली, 13 सितंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दक्षिणी देशों की आवाज को सम्मान मिल रहा है और उनके विचार और अनुभवों का आदर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम में अपने स्वागत भाषण में यह बातें उठाईं। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की शक्ति उसकी विविधता और सहयोग में है और इसी को हमें अपनी पहचान और प्रेरणा के रूप में स्वीकार करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रिक्स ने वैश्विक विकास को बढ़ावा देने के लिए समावेशी दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने भारतीय अध्यक्षता की प्रशंसा की और कहा कि भारत ने ब्रिक्स के सभी प्रयासों को समर्पण, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व के परिप्रेक्ष्य में स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स के द्वारा विकसित समाधानों को ग्लोबल साउथ तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये समाधान स्थानीय जरूरतों के अनुसार आसानी से अपनाए जा सकें, इसके लिए सस्ते और सुलभ होने चाहिए। मोदी ने विकास और पर्यावरण के संतुलन पर भी जोर दिया और कहा कि विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक मानना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स के एमएसएमई पोर्टल, अर्बन मोबिलिटी हब, स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे उपक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पहलों को व्यापक स्तर पर लागू करके ग्लोबल साउथ के देशों के लिए फायदेमंद बनाना चाहिए।
ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ का विश्वास बढ़ा, विविधता और सहयोग हमारी शक्ति : मोदी
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स द्वारा विकसित समाधानों को ग्लोबल साउथ तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।
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